सूरत में टेक्सटाइल मजदूरों का आक्रोश, ‘तेजस’ की 10 अक्टूबर की बैठक रद्द करने की मांग

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सूरत में टेक्सटाइल मजदूरों का आक्रोश, ‘तेजस’ की 10 अक्टूबर की बैठक रद्द करने की मांग
सूरत में टेक्सटाइल मजदूरों का आक्रोश, ‘तेजस’ की 10 अक्टूबर की बैठक रद्द करने की मांग

पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले कारखाना मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग

JAINSHILP SAMACHAR, SURAT

सूरत के कपड़ा उद्योग में कार्यरत असंगठित मजदूरों और कारखाना मालिकों के बीच आठ घंटे के कार्यदिवस तथा रविवार को साप्ताहिक अवकाश लागू करने के मुद्दे पर पिछले दो महीनों से विवाद जारी है। इस विवाद के बीच राष्ट्रीय मजदूर सेना यूनियन तथा शहर के विभिन्न श्रमिक संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सूरत पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने और कथित रूप से कानूनों की अवहेलना करने वाले कारखाना मालिकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
श्रमिक संगठनों का आरोप है कि ‘तेजस’ नामक मालिक संगठन ने समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक बयान जारी कर आठ घंटे का कार्यदिवस और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी लागू नहीं करने की बात कही है। संगठनों का दावा है कि इस प्रकार के बयानों से श्रमिकों में भारी नाराजगी है और औद्योगिक क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
10 अक्टूबर की बैठक की अनुमति रद्द करने की मांग
ज्ञापन में बताया गया है कि ‘तेजस’ संगठन की ओर से 10 अक्टूबर 2026 को नया रिंग रोड स्थित ईडन गार्डन मैदान में सार्वजनिक बैठक आयोजित करने की योजना है। श्रमिक संगठनों ने आशंका जताई है कि यदि इस बैठक को अनुमति दी गई, तो शहर की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से प्रस्तावित बैठक की अनुमति तत्काल रद्द करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से यह भी मांग की कि समाचार पत्रों में दिए गए बयानों के आधार पर मामले की जांच की जाए और यदि श्रम कानूनों का उल्लंघन या श्रमिकों के बीच अशांति फैलाने की बात प्रमाणित होती है, तो संबंधित कारखाना मालिकों तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
श्रमिक प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाता है, तो सूरत के लाखों कपड़ा मजदूरों को साथ लेकर गांधीवादी तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय, नायब श्रम आयुक्त कार्यालय तथा संबंधित सरकारी विभागों का घेराव करने की चेतावनी भी दी गई है। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांग आठ घंटे का कार्यदिवस, रविवार की साप्ताहिक छुट्टी तथा श्रमिकों को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
अनेक श्रमिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित
पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपने और मीडिया को संबोधित करने के दौरान राष्ट्रीय मजदूर सेना, दक्षिण गुजरात के अध्यक्ष सुरेशभाई सोनवणे, आंबेडकरवादी एकता मिशन के प्रणेता एवं राष्ट्रीय मजदूर सेना के उपाध्यक्ष डॉ. अनिल थोरात, साउथ गुजरात न्यू लेबर यूनियन के अध्यक्ष अरुणभाई कलाल, आंबेडकरवादी एकता मिशन के राष्ट्रीय प्रभारी हंसराज ससाने, मजदूर नेता आनंदभाई कुशवाहा, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेशभाई सोलंकी, राष्ट्रीय मजदूर सेना के सचिव हेमंतभाई जेना, मजदूर नेता शिवाभाई कुशवाहा, खुशीराम कुशवाहा, कामगार नेता कमलभाई कुशवाहा तथा कबीर पंथी सहित विभिन्न श्रमिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।